लखनऊ. योगी आदित्यनाथ यूपी की दूसरी बार कमान संभालने के बाद एक्शन में आ गए हैं. मुख्यमंत्री ने राज्य के सरकारी विभागों में रिक्त पदों की भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप नये भारत का नया उत्तर प्रदेश आकार ले रहा है और इस कार्य को और गति दी जाए.
यही नहीं, यूपी सरकार युवाओं को सरकारी नौकरी का तोहफा देने के लिए सरकारी महकमों में विभागवार भर्ती अभियान चलाएगी. वहीं, सीएम योगी ने सभी विभागों को रिक्तियों की सूची तैयार करने का आदेश दिया है. ईमानदारी और शुचिता पर रहेगा फोकस
इसके अलावा सीएम योगी ने अधिकारियों को भर्तियों में ईमानदारी और शुचिता को प्राथमिकता पर रखने का निर्देश दिया है, ताकि क्षमतावान युवाओं को नौकरी मिल सके. पिछली बार करीब 5 लाख युवाओं को मिली थी सरकार नौकरी
बता दें कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल में पांच लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गयी थी. इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया को बिना भेदभाव और भ्रष्टाचार के पूरा किए जाने का दावा किया गया था. वहीं, यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा विपक्ष ने पूरे जोरशोर से उठाते हुए दावा किया था कि सरकार विभागों में 11 लाख पद खाली पड़े हैं. सरकार बनने पर हम युवाओं के लिए भर्ती निकालेंगे.
सुशासन की स्थापना की स्थापना पर रहेगा जोर
यूपी में पूर्ण बहुमत से भारतीय जनता पार्टी की सरकार के लगातार दूसरी बार पदारूढ़ होने के दूसरे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के शीर्ष अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की और राज्य में सुशासन की स्थापना को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने नवगठित मंत्रिमंडल के 52 सदस्यों के साथ शुक्रवार को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में लगातार दूसरी बार शपथ ली थी. जबकि दूसरे दिन योजना भवन में मुख्य सचिव, अध्यक्ष राजस्व परिषद, कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों तथा सचिवों के साथ बैठक कर उन्हें अपनी दूसरी पारी के शासन को और बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कार्यकाल में हमारी चुनौती कुव्यवस्था से थी, लेकिन पिछले पांच वर्षों में सुशासन की स्थापना हुई है और अगले पांच वर्षों में हमारी प्रतिस्पर्धा पहले कार्यकाल के कार्यों से होगी.विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा द्वारा जारी लोक कल्याण संकल्प पत्र (चुनावी घोषणा पत्र) की चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 के सभी संकल्प बिन्दुओं को पांच वर्षों में लक्ष्यवार एवं समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए और प्रत्येक विभाग 100 दिन, छह महीने और वार्षिक लक्ष्य का निर्धारण करते हुए उसकी पूर्ति के लिए लगातार प्रयास करें. इसके अलावा भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ के अपने पुराने नारे पर जोर देते हुए योगी ने कहा कि इसे प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए और शासन की योजनाओं की आमजन तक पहुंच को और व्यापक बनाने के लिए तकनीक का व्यापक स्तर पर समावेश किया जाए.
