लखनऊ. यूपी के विधान परिषद (UP MLC Election 2022) में निकाय क्षेत्र की 36 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रत्याशियों द्वारा नाम वापस लेने से बीजेपी (BJP) प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत तय गई है. सपा मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को झटका देते हुए बुधवार को हरदोई, बदायूं और मिर्जापुर-चित्रकूट सीट पर सपा उम्मीदवारों के नामांकन वापस ले लेने से बीजेपी प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत तय हो गयी है. इससे पहले इससे मंगलवार को भी समाजवादी पार्टी के तीन प्रत्याशियों का पर्चा ख़ारिज होने से बीजेपी प्रत्याशियों की जीत तय हो गई थी. दरअसल, तीन एमएलसी सीटों (एटा-मैनपुरी-मथुरा, मथुरा-एटा-मैनपुरी और बुलंदशहर) के समाजवादी पार्टी (सपा) समेत बाकी निर्दलीय प्रत्याशियों का नामांकन निरस्त हो गया था. अब तक बीजेपी बिना चुनाव के ही 6 सीटों पर कब्जा जमा चुकी है.
बुधवार को जिलों से मिली रिपोर्ट के अनुसार एमएलसी चुनाव में हरदोई सीट
से सपा प्रत्याशी रजीउद्दीन ने बुधवार को नामांकन पत्र वापस ले लिया। जिसके
बाद बीजेपी प्रत्याशी अशोक अग्रवाल का निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ
हो गया है. इसके अलावा बदायूं सीट पर सपा के प्रत्याशी सिनोद शाक्य ने एक
दिन पहले ही अपना नाम वापस ले लिया था. इससे बीजेपी प्रत्याशी वागीश पाठक
का भी निर्वाचन तय है. मिर्जापुर-सोनभद्र सीट से सपा प्रत्याशी के नाम
वापसी के बाद बीजेपी प्रत्याशी श्याम नरायण सिंह उर्फ विनीत सिंह का
निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है. वहीं गाजीपुर में भी सपा प्रत्याशी
भोलानाथ शुक्ल समेत दो ने पर्चा वापस ले लिया है. अब गाजीपुर में बीजेपी
प्रत्याशी समेत दो ही मैदान में हैं.24 मार्च को नामांकन वापसी का आखिरी दिन
मिल रही जानकारी के मुताबिक नामांकन वापसी के आखिरी दिन गुरुवार यानी 24
मार्च को कई अन्य सीटों पर भी समाजवादी पार्टी को झटका लग सकता है. जिन-जिन
सीटों पर बीजेपी निर्विरोध जीत हो चुकी है, उसका ऐलान आज शाम को किया
जाएगा. हालांकि बाकी की सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा. दरअसल स्थानीय
निकाय क्षेत्र के चुनाव में सत्तारूढ़ दल का दबदबा रहता है. ऐसे में बीजेपी
ज्यादा-ज्यादा सीटों पर कब्जा जमाकर ऊपरी सदन में भी बहुमत हासिल करना
चाहती है.
