प्रयागराज:(आर सिंह): कर्नलगंज में रहने वाले शोध छात्र संजय पटेल (28) ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव हॉस्टल के कमरे में फंदे पर लटका मिला। पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि उसने प्रेम संबंध में दुखी होकर यह कदम उठाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। संजय पुत्र अरविंद मूल रूप से बांदा जनपद के बबेरू थाना अंतर्गत पलानी गांव का रहने वाला था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए करने के बाद वह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से प्राचीन इतिहास विभाग में शोध कर रहा था। वह हॉलैंड हाल छात्रावास के कमरा नंबर 77 में रहता था। हॉस्टल में रहने वाले उसके बैच के ही छात्रों ने बताया कि सोमवार रात वह बेहद परेशान था। रात 10 बजे के करीब खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चला गया। रात में करीब 12.30 बजे एक दोस्त उसका हालचाल लेने पहुंचा तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। कई बार आवाज देने के बावजूद जवाब नहीं मिला तो उसने अन्य छात्रों को बुलाया।
किसी तरह कमरे के भीतर झांका गया तो संजय फांसी पर लटका दिखा। सूचना दी गई तो पुलिस पहुंच गई। कुंडी तोड़कर पुलिस कमरे में दाखिल हुई और फिर शव को फंदे से नीचे उतारा। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कमरे में मिला सुसाइड नोट
जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को संजय के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें उसने लिखा था कि उसकी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं है। लेकिन उसने इसमें अपने तीन दोस्तों के साथ ही एक युवती का भी नाम लिखा था। कर्नलगंज पुलिस का कहना है कि दोस्तों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि जिस युवती का नाम सुसाइड नोट में लिखा था, वह संजय की बेहद करीबी दोस्त थी। लेकिन उसकी शादी कहीं और तय हो गई और इसके बाद से वह बेहद परेशान था। इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह ने बताया कि परिजन सुबह ही आ गए थे। पोस्टमार्टम के बाद वह शव लेकर चले गए
