भारत में अधिकांश घरों में बड़े चाव से प्याज-लहसुन (Benefits Of Ginger-Garlic) खाया जाता है. खाने का टेस्ट बढ़ाने में ये दो चीजें काफी अहम रोल प्ले करती है. ना सिर्फ इनसे खाने का टेस्ट बढ़ता है, बल्कि ये स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छी मानी जाती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा गांव है, जहां प्याज और लहसुन पर बैन लगा हुआ है. ये गांव बिहार के जहानाबाद में जिले से करीब तीस किलोमीटर दूर है.
इस गांव का नाम त्रिलोकी बीघा है. इस गांव में बीते कई दशकों से किसी ने
लहसुन प्याज को हाथ नहीं लगाया है. ना सिर्फ यहां इन दो चीजों के कहने पर
पाबन्दी है, बल्कि कोई इसे खरीद कर घर भी नहीं लेकर आता. इस गांव के लोगों
का कहना है कि उनके पूर्वज भी प्याज-लहसुन नहीं खाते थे. ऐसे में अब इस
परंपरा को वो तोड़ नहीं सकते.पीछे है कहानी
इस गांव के लोगों ने बताया कि प्याज-लहसुन ना खाने की उनकी खास वजह है. इस
गांव में एक मंदिर है, जिसे ठाकुरबाड़ी कहते हैं. इसी मंदिर के देवताओं के
श्राप की वजह से उन्हें प्याज-लहसुन नहीं खाना है. गांव में रहने वाली एक
महिला के अनुसार कई सालों पहले एक परिवार ने इस परंपरा को तोड़ने की कोशिश
की थी, इसके परिणाम स्वरुप उसके घर में कई अनहोनियां हो गई थी. तबसे यहां
ऐसी गलती कोई नहीं करता.खरीदते भी नहीं हैं लोग
गांव के मुखिया ने बताया कि उनके गांव में करीब तीस से पैंतीस घर हैं.
लेकिन कोई भी अपने घर के खाने में लहसुन प्याज नहीं मिलाता. यहां तक की इसे
खरीद कर घर भी नहीं लाया जाता. कई लोग इसे अन्धविश्वस मानते हैं लेकिन कई
लोग इसे आस्था कहते हैं. इस गांव में ना सिर्फ लहसुन प्याज, बल्कि मांस और
शराब पर भी प्रतिबंध है.

