प्रयागराज में BHU के पूर्व वीसी प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी बोले-शिक्षा मानव मन और हृदय को जाग्रत करने का साधन
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प्रयागराज में BHU के पूर्व वीसी प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी बोले-शिक्षा मानव मन और हृदय को जाग्रत करने का साधन



प्रयागराज:(एस के सिंह): शिक्षा में संस्कृति और मूल्यों का समावेश जरूरी:शिक्षा एक ऐसा उपकरण है जो न केवल मानव मन को बल्कि उनके दिलों को भी जाग्रत करती है। लेकिन यह शिक्षा सही मायने में तभी सार्थक है जब उसमें राष्ट्र की संस्कृति और मूल्यों का समावेश होता है। यह बातें सोमवार को यूपी स्टेट काउंसिल फॉर हायर एजुकेशन के अध्यक्ष व बीएचयू के पूर्व वीसी प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहीं।
प्रो. त्रिपाठी यूनाइटेड यूनिवर्सिटी (यूयू), रावतपुर, प्रयागराज के फैकल्टी ऑफ़ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट द्वारा 'मैनेजमेंट प्रैक्टिसेज थ्रू कल्चरल शिफ्ट' पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबांधित कर रहे थे। संगोष्ठी मौलाना अबुल कलाम आज़ाद इंस्टिट्यूट ऑफ़ एसियन स्टडीज, कोलकाता तथा अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित की जा रही है।
…ताे भारत की संस्कृति, समाज और अर्थव्यवस्था के सामने होगी गंभीर चुनौती
प्रबंधन पर अपने विचार साझा करते हुए, प्रो त्रिपाठी ने कहा कि यदि बदलते परिवेश में चीज़ों का प्रबंधन उचित तरीके से नहीं किया गया तो भारत की संस्कृति, समाज और अर्थव्यवस्था को भविष्य में गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि आज हर कोई अपने अधिकारों की बात करता है और उसी के लिए लड़ रहा है जैसा की रूस और यूक्रेन में देखने को मिल रहा है। यह चिंता का विषय है क्योंकि इससे राष्ट्र के विकास पर असर पड़ेगा।
संगोष्ठी शोध के लिए प्रेरित करेगी
इस अवसर पर बोलते हुए, मौलाना अबुल कलाम आजाद इंस्टिट्यूट ऑफ़ एसियन स्टडीज, कोलकाता के निदेशक डॉ सुजीत के घोष ने इस तरह के महत्वपूर्ण विषय पर संगोष्ठी आयोजित करने के लिए प्रबंधन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संगोष्ठी निश्चित रूप से शोधकर्ताओं को नए शोध करने के लिए प्रेरित करेगी।
'गीता', 'वेद' और 'उपनिषद' में हर समस्या का समाधान
विशिष्ट अतिथि एवं समन्वयक, इतिहास विभाग, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ डॉ. सुशील पांडेय ने कहा कि 'गीता', 'वेद' और 'उपनिषद' जैसी धार्मिक पुस्तकों में मनुष्य की समस्याओं का समाधान निहित है। जरूरत है उनके सिद्धांतों और उपदेशों का पालन करने की।
यूनाइटेड यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जगदीश गुलाटी ने सेमिनार में आये सभी विशिष्ट अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और संगोष्ठी में आये सभी शोधकर्ताओं को अपनी शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि आत्म-मूल्यांकन किसी भी समस्या का समाधान खोजने का सबसे अच्छा तरीका है। प्रो. वीसी, प्रो. एएम अग्रवाल, और प्रो. एलएम श्रीवास्तव ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए। यूनाइटेड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (यूजीआई) के उपाध्यक्ष गौरव गुलाटी ने धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया

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