नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के बीरभूम हिंसा (Birbhum killing) को लेकर पूरे देश में सियासी बवाल मचा है. इस बीच हाई कोर्ट (High court) के निर्देश पर बनी सीबीआई (CBI) ने बीरभूम के हिंसाग्रस्त इलाके रामपुरहाट का दौरा किया और उसके बाद हिंसा में संलिप्त 21 लोगों को आरोपी के रूप में नामजद किया है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने उन्हीं 21 लोगों को नामजद किया है जिनका नाम राज्य सरकार की पुलिस ने नामजद किया था. हिंसा में अब तक 20 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर लिया गया है. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बीरभूम के बोटगुई गांव में (Bogtui village) में एक गुट ने एक ही परिवार की छह महिलाएं और दो बच्चे को चारों तरफ से आग लगाकर जिंदा जला दिया था. यह हिंसा बदले की कार्रवाई में की गई जब एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता भादु शेख (Bhadu Sheikh) की हत्या कर दी गई थी. इसके बाद कई लोगों के एक गुट ने बोटगुई गांव के झोपड़ियों में आग लगा दी जिसमें 8 लोग जिंदा जलकर मर गए.
7 अप्रैल तक स्टेटस रिपोर्ट
सीबीआई की टीम ने रामपुरहाट शहर में सरकारी गेस्ट हाउस में अस्थायी कैंप लगा दिया है और मामले की तहकीकात कर रही है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अखिलेश सिंह के नेतृत्व टीम के सदस्यों को काम बांट दिया गया. कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआई को 7 अपैल तक स्टेटस रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है. शुक्रवार से सीबीआई ने अपना काम करना शुरू कर दिया है. इससे पहले हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीबीआई को केस नहीं सौंपने के अनुरोध को ठुकरा दिया था. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि घटना से उत्पन्न हालात को देखते हुए राज्य की पुलिस इसकी जांच नहीं कर सकती. इसके बाद यह मामला सीबीआई के पास चला गया था. ऐसी घटना मैंने कभी नहीं देखी-ममता बनर्जी
बीरभूम की घटना बेहद बीभत्स थी. घटना के बारे में सुनते हुए किसी का भी रूह कांप सकता है. खुद ममता बनर्जी ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा था कि मुझे कभी भी यकीन नहीं था कि इतनी दरंदगी वाली ऐसी घटना आधुनिक बंगाल में हो सकती है. इस घटना में मां और बच्चे को मार दिया गया.
