प्रयागराज के करछना में संविदा कर्मी हत्याकांड में आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, लेकिन आरोपित फरार हैं।
प्रयागराज, प्रयागराज में यमुनापार के करछना थाना क्षेत्र में संविदाकर्मी मंगला प्रसाद पांडेय की सुनियोजित हत्या के मामले में जेल में बंद राजा पांडेय, उसके भाई कमलेश, चंद्रमा, साले राहुल व राजभर, चंद्रशेखर, विद्याकांत व एक अन्य के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। पता चला है कि घटना में बाराबंकी की क्वालिस कार का इस्तेमाल किया गया था। सीसीटीवी फुटेज से भी कुछ आरोपितों के बारे में सुराग मिला है, जिसके आधार पर तलाश चल रही है। 22 घंटे बाद नाराज परिवार वाले माने थे
संविदा कर्मी की हत्या के बाद नाराज परिवार वाले 22 घंटे बाद उस वक्त माने जब पुलिस और प्रशासन ने उनकी शस्त्र लाइसेंस, बेटे को सरकारी नौकरी और सुरक्षा की मांग का सही मानते हुए पूरा करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस के लिए भिजवाया गया था। गांव में एहतियातन पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। राजा पांडेय समेत आठ पर मुकदमा दर्ज
मृतक मंगला पांडेय के भाई विजय पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा कायम किया है। उनका आरोप है कि पिता की हत्या के मामले में राजा पांडेय और विद्याकांत आरोपित थे। उन्होंने मंगला प्रसाद की हत्या की साजिश रची, जिसके बाद उसके भाई व ससुराल वालों ने वारदात को अंजाम दिया। जबकि चंद्रशेखर पुराने मुकदमे में सुलह करने का लगातार दबाव बना रहे थे। ऐसे हुई थी मंगला प्रसाद की हत्या
बुधवार शाम करीब चार बजे करछना के बीरपुर गांव निवासी मंगला प्रसाद पांडेय जब कौंधियारा से वापस घर आ रहे थे, तभी बदमाशों ने क्वालिस कार से उनकी बाइक में टक्कर मारी थी। जब वह जमीन पर गिर पड़े तो कार से कुचल दिया। इसके बाद उनके गले में धारदार हथियार से वार करके मार डाला। फिर कार में शव को रखकर कहीं जाने लगे। इसी बीच रास्ते में कार खराब हो गई तो उसे छोड़कर भाग निकले। घटना से इलाके में खलबल मच गई थी। परिवार वालों ने मंगला के पड़ोस में रहने वाला राजा पांडेय समेत कई पर आरोप लगाया था। राजा अभी जेल में है। यह वही राजा पांडेय है, जिस पर एक दशक पहले शंकरगढ़ में बारा थानाध्यक्ष की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है।
