इन 7 कारणों से कमजोर हो सकती है याद्दाश्त, कहीं आपकी भी मेमोरी पावर घट तो नहीं रही?
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इन 7 कारणों से कमजोर हो सकती है याद्दाश्त, कहीं आपकी भी मेमोरी पावर घट तो नहीं रही?

Causes of Memory Loss: बढ़ती उम्र के साथ अक्सर याद करने की क्षमता कमजोर पड़ने लगती है. हालांकि, बुजुर्गों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है. उम्र बढ़ने से मेमोरी लॉस (Memory Loss) तो होती ही है, साथ ही अल्जाइमर (Alzheimer’s Disease), डिमेंशिया जैसी बीमारी भी हो सकती है. मानव मस्तिष्क अनगिनत चीजों को स्टोर करता है, उसे याद रखता है. दिमाग में कई हिस्से होते हैं और सभी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. दिमाग शरीर में होने वाले कई कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है और इसमें जरा सी भी समस्या हुई तो आपको छोटी सी बात याद रखने में भी परेशानी हो सकती है. आप खाते-पीते हैं, चलते-फिरते हैं, बोलते हैं, ये सभी काम मस्तिष्क (Brain) में मौजूद अलग-अलग हिस्सों के जरिए ही होता है. मस्तिष्क ही हमें हर कार्य को करने के लिए प्रेरित करता है. मेमोरी स्लिप होने की समस्या बार-बार होने लगे, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है. आइए जानते हैं किन कारणों से कम उम्र में ही याद करने की क्षमता कमजोर (Causes of Memory Loss) होने लगती है.

याद्दाश्त कमजोर होने के कारण

यदि आप अधिक तनाव, एंग्जायटी, डिप्रेशन में रहते हैं, तो इससे दिमाग पर नकारात्मक असर पड़ता है. इससे मस्तिष्क थकान महसूस करता है और अपना कार्य सही से नहीं करता. ऐसे में आप किसी भी काम में ध्यान नहीं लगा पाते, फोकस नहीं कर पाते हैं.

क्रोनिक डिप्रेशन के कारण भी आप चीजों को भूलने लगते हैं. जिन लोगों को डिप्रेशन की समस्या होती है, उनकी याद्दाश्त भी कमजोर (yaddasht kamjor hone ke karan) होने लगती है. बेहतर है कि आप डिप्रेशन के लक्षणों को पहचानकर एक्सपर्ट से संपर्क करें.

महिलाओं में होने वाले मेनोपॉज के कारण भी भूलने की समस्या शुरू हो सकती है. मेनोपॉज के दौरान शरीर में कई तरह के हॉर्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे मूड स्विंग, अनिंद्रा जैसी समस्याएं नजर आती हैं.

यदि आप पिछले कई महीनों से किसी खास दवाई का सेवन कर रहे हैं, तो इससे भी याद करने की क्षमता प्रभावित होती है. डिप्रेशन या एंग्जायटी की दवाओं को लेने से ये समस्या अधिक बढ़ सकती है.

यदि आपको किसी दुर्घटना में सिर पर चोट लगी है, तो इससे भी मेमोरी लॉस होने की समस्या कई बार बढ़ जाती है. आप सिर पर लगी चोट को नजरअंदाज ना करें. कई बार जो चोट आपको ऊपर से हल्की नजर आती है, वह अंदरूनी रूप से अधिक गंभीर भी साबित हो सकती है. सिर पर लगी चोट का इलाज अच्छी तरह से करवाएं.

यदि आप प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद नहीं लेते हैं, तो इससे भी याद करने की क्षमता प्रभावित होती है. कम सोने से आपका दिमाग फ्रेश नहीं होता है. भरपूर नींद लेने से मस्तिष्क तरोताजा महसूस करता है और आप अधिक अलर्ट बनते हैं.

कई बार खानपान में पौष्टिक चीजों की कमी से भी दिमाग पर नकारात्मक असर पड़ता है. दिमाग सही तरीके से काम करे, मस्तिष्क की सेहत अच्छी बनी रहे, उसके लिए डाइट में विटामिन बी1, बी12 युक्त फूड्स को शामिल करें. कुछ फूड्स होते हैं, जो ब्रेन की सेहत को बूस्ट करते हैं. एल्कोहल का सेवन अधिक करने से भी मेमोरी लॉस होती है. यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम को धीमा कर देता है.
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