प्रदीप बच्चन (ब्यूरो चीफ)
बलिया (यूपी) बंगाल के जमुरिया विधानसभा से तृणमूल कांग्रेस (AITC) के विधायक रहे जनपद बलिया के मनियर कस्बा निवासी हरे राम सिंह को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए दूसरी बार टिकट मिलने पर पश्चिम बंगाल से उत्तर प्रदेश के बलिया व मनियर तक खुशी की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि 2021 के चुनाव में ECL (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) से सेवानिवृत्त मजदूर नेता हरे राम सिंह ने जमुरिया विधानसभा सीट से 8051 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। हिंदी भाषी क्षेत्र के इस बलिया निवासी पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विश्वास जताते हुए दोबारा टिकट देकर उनकी लोकप्रियता को प्रमाणित किया।हरे राम सिंह की जीवनी किसी फिल्मी हीरो से कम नहीं। सूत्रों के अनुसार बलिया जिले के मनियर कस्बे के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे हरे राम सिंह के पिता स्वर्गीय राधेश्याम सिंह संत प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। 1971 से पहले कोलफील्ड प्राइवेट कंपनी थी, जिसके पंजाबी मालिक को कोई संतान नहीं थी। राधेश्याम सिंह ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि डेढ़ साल में संतान सुख मिलेगा। चमत्कार हुआ - मालिक को पुत्र प्राप्त हुआ। आभार में उन्होंने राधेश्याम सिंह की माता जी के नाम से प्रतिमाह 200 रुपये का मनी ऑर्डर भेजना शुरू किया।पिता के कहने पर इंटर पास करने के बाद हरे राम सिंह 1971-75 के बीच कोलफील्ड में नौकरी करने गए। वहां मजदूर नेता बनकर प्रसिद्ध हुए। उसी दौरान कोलफील्ड का राष्ट्रीयकरण हुआ और मजदूरों की सैलरी बढ़ी। 1998 में उन्होंने कोयला खदान श्रमिक कांग्रेस (केकेएससी) की स्थापना की, जिनके वे आज भी महामंत्री हैं। TMC टिकट पर 2021 में चुनाव लड़कर उन्होंने इतिहास रचा।दोबारा टिकट मिलने की खबर पर जमुरिया से बलिया-मनियर तक उत्सव सजा। पश्चिम बंगाल में हरे राम के पुत्र प्रेमपाल सिंह ने पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटीं। मनियर में भतीजे व टाउन महाविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेश सिंह प्रिंस द्वारा मनियर परशुराम स्थान पर गाजा बाजा बजाकर मिठाइयां बांटी गई पटाखे फोड़े गए खुशियों का इजहार किया गया
