मिर्जापुर। माताओं ने निर्जला व्रत रखकर पुत्रों के दिर्घायु और मंगलकामना के लिए शहर से गांव तक के सरोवरों, घाटों व कुंड़ों पर रविवार को जीवित्पुत्रिका का पूजन किया। दोपहर बाद गाजे-बाजे के साथ फल और डलिया में सजे प्रसाद लेकर माताएं कुंड़ों पर पहुंचना शुरू कीं। देर शाम तक पूजन-अर्चन का दौर चलता रहा। बरियाघाट सहित अन्य गंगा घाटों पर विधि-विधान पूर्वक महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका का पूजन किया। साईं मंदिर स्थित वासलीगंज पुलिस चौकी से बरियाघाट तक पैर रखने तक की जगह नहीं रही। सड़क की पटरियों पर खिलौने की दुकानें सजीं रहीं। वाहनों की आवाजाही और बिना रोकटोक के गुजर रहे लोगों के चलते पूजन के लिए आने जाने वाली महिलाएं धक्का मुक्की की शिकार हुईं। गंगाघाटों पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं रही। कचहरी घाट, फतहां घाट, संकठा घाट, बाबा घाट सहित अन्य गंगा घाटों पर जीवित्पुत्रिका का पूजन अर्चन किया गया।
