प्रयागराज: पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) के क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तरीय डाटा वेलिडेशन समिति की कार्यशाला का किया गया आयोजन
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प्रयागराज: पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) के क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तरीय डाटा वेलिडेशन समिति की कार्यशाला का किया गया आयोजन

Uttar Pradesh Kee Gaatha News

प्रयागराज: पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) के क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तरीय डाटा वेलिडेशन समिति की कार्यशाला का किया गया आयोजन

कार्यशाला में पीएआई के महत्व, क्रियान्वयन प्रक्रिया तथा सतत विकास लक्ष्यों एवं उनकी प्राप्ति से जुड़ी 9 थीमों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई

आज दिनांक 27 अगस्त को जनपद प्रयागराज में जिलाधिकारी महोदय एवं मुख्य विकास अधिकारी महोदया के मार्गदर्शन में पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) के क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तरीय डाटा वेलिडेशन समिति की कार्यशाला यमुना सभागार, विकास भवन में आयोजित की गई।

कार्यशाला में जिला पंचायत राज अधिकारी ने पीएआई के महत्व, क्रियान्वयन प्रक्रिया तथा सतत विकास लक्ष्यों एवं उनकी प्राप्ति से जुड़ी 9 थीमों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उपनिदेशक (पंचायत) प्रयागराज मंडल, परियोजना निदेशक, उपायुक्त मनरेगा, उपायुक्त स्वतः रोजगार, सभी खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विभिन्न लाइन विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में जिला पंचायत राज अधिकारी महोदय ने आभार व्यक्त किया।

कार्यशाला में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक एवं जिला कंसलटेंट सहित अन्य अधिकारी भी सम्मिलित रहे।

पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (पीएआई)

पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) एक बहु-क्षेत्रीय एवं बहु-आयामी सूचकांक है, जिसका उद्देश्य पंचायतों के समग्र विकास, प्रदर्शन एवं प्रगति का आकलन करना है। यह सूचकांक सामाजिक-आर्थिक संकेतकों और मापदंडों के आधार पर पंचायत क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।

इसके अंतर्गत—

बुनियादी ढाँचा : सड़क, बिजली, जल आपूर्ति, स्वच्छता।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा : स्वास्थ्य सेवाएँ, साक्षरता दर, विद्यालय नामांकन।

आर्थिक संकेतक : आय, रोजगार, कृषि उत्पादकता।

सामाजिक संकेतक : गरीबी दर, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन।

शासन एवं प्रशासन : दक्षता, पारदर्शिता, नागरिक भागीदारी।

पर्यावरणीय स्थिरता : संरक्षण एवं सतत प्रथाएँ।

यह सूचकांक पंचायतों की कमजोरियों एवं सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर नीतिनिर्माण व लक्षित हस्तक्षेप हेतु आधार प्रदान करता है।

सतत विकास लक्ष्य (SDGs)

संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत 17 वैश्विक लक्ष्यों को 2030 तक हासिल करने हेतु स्थानीयकरण (LSDGs) की प्रक्रिया के माध्यम से पंचायतों को जोड़ा जा रहा है। गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ जल, किफायती ऊर्जा, असमानताओं में कमी, सतत समुदाय, शांति एवं साझेदारी जैसे लक्ष्य इसके प्रमुख आयाम हैं।

स्थानीय स्तर पर नौ विषयगत लक्ष्य :

1. गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका पंचायत

2. स्वस्थ पंचायत

3. बाल हितैषी पंचायत

4. पर्याप्त जलयुक्त पंचायत

5. स्वच्छ एवं हरित पंचायत

6. आत्मनिर्भर बुनियादी ढाँचे वाली पंचायत

7. सामाजिक रूप से सुरक्षित एवं न्यायपूर्ण पंचायत

8. सुशासन वाली पंचायत

9. महिला हितैषी पंचायत

पीएआई (PAI) मूल्यांकन

PAI 1.0 प्रदर्शन सारांश:

A+ (90-100)

A (75-90)

B (60-75)

C (40-60)

D (40 से कम)

PAI 2.0 डेटा सत्यापन प्रक्रिया:

ग्राम पंचायत स्तर → सचिव लॉगिन द्वारा प्रविष्टि, ग्राम सभा अनुमोदन।

ब्लॉक स्तर → लाइन विभाग प्रमुखों द्वारा सत्यापन, बीडीओ द्वारा समेकन।

जिला स्तर → जिला डेटा सत्यापन समिति (DDVT) द्वारा पुष्टि।

राज्य स्तर → अंतिम सत्यापन एवं केंद्रीय पोर्टल पर प्रस्तुति।

कार्यशाला का आयोजन आकर्षक ढंग से किया गया। यमुना सभागार को ताजे गुलाब व गेंदा के फूलों तथा रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

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