उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की डा सोनाली शुक्ला छत्तीसगढ़ के रायपुर आयुष विश्वविद्यालय में बीएचएमएस की छात्रा थीं। उन्होंने साल २०२२ की परीक्षा में पूरे छत्तीसगढ़ में टाप किया और सार्वाधिक अंक हांसिल करते हुए विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान हांसिल किया। जिसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा सोनाली को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। वहीं सोनाली ने अपनी इस सफलता का श्रेय गुरूजनों के साथ माता पिता को दिया है। सोनाली के पिता स्व वशिष्ठ नारायण शुक्ल महाविद्यालय कठौली के प्रबंधक हैं। उन्होंने बताया कि सोनाली शुरू से ही चिकित्सा की शिक्षा को लेकर बेहद उत्साहित थी, और पूरी शिक्षा के दौरान उसने मेहनत और लगन से कार्य किया। जिसका परिणाम यह रहा कि उसने पूरे छत्तीसगढ़ में अपना परचम लहराया है।
डा सोनाली अपने क्षेत्र में देना चाहती हैं चिकित्सा सेवा
प्रयागराज के कठौली गांव की डाक्टर सोनाली का सपना है कि वह एक अच्छे चिकित्सक के रूप में अपने ही इलाके के लोगों की सेवा करना चाहती हैं। उनका मानना है कि अभी भी ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा व्यवस्था का कुछ अभाव है। जिसे कम करने के लिए वो पूरा प्रयास करेंगी।.jpg)