प्रयागराज: आल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन व बैंक एंप्लाइज फेडरेशन आफ इंडिया हड़ताल में शामिल होंगे। विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी संघों की दो दिनी हड़ताल आज यानी सोमवार से शुरू हुई। हड़ताल में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन, राज्य व केंद्र सरकार के कर्मचारी महासंघ, बैंक, बीमा, रेलवे समेत देश के 20 करोड़ संगठित तथा असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी भाग ले रहे हैं। इसको लेकर प्रयागराज में रविवार को संयुक्त ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने बैठक कर हड़ताल का रूपरेखा तैयार की थी। इसके लिए सीटू, एटक एक्टू, एआइटीयूसी, इंटक के सदस्यों ने शहर के हजारों घरों में पर्चा वितरण के साथ जनसंपर्क अभियान भी चलाया था।बैठक में वरिष्ठ वामपंथी नेता हरीश चंद्र द्विवेदी, एटक से नसीम अंसारी, सीटू से अविनाश कुमार मिश्रा, सेंट्रल गवर्नमेंट कर्मचारी यूनियन से सुभाष चंद्र पांडेय, अखिल विकल्प, सूर्य प्रकाश, भूपेंद्र पांडेय, मोहम्मद खालिद समेत कई लोगों ने एकजुटता दिखाई।आल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन, आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन व बैंक एंप्लाइज फेडरेशन आफ इंडिया ने बैठक कर हड़ताल में शामिल होने की तैयारी कर चुके थे। मदन जी उपाध्याय सहित बैंक कर्मियों ने हड़ताल के पहले दिन बैंक शाखाओं की बंदी सुनिश्चित कराने के बाद 11 बजे इंडियन बैंक के मुख्य शाखा परिसर में जुटे।
इस दौरान प्रदर्शन कर अपनी शक्ति दिखाई। देश की परिसंपत्तियों को कारपोरेट के हाथों गिरवी रखी जा रही : आरएन पराशर
विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी संघों की ओर से दो दिनी हड़ताल है। प्रधान डाकघर में दो दिनी हड़ताल को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों तथा केंद्रीय श्रम संगठनों की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि कंफडरेशन आफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंपलाइज एंड वर्कर्स के राष्ट्रीय महासचिव आरएन पराशर ने कहा कि सरकार की जन विरोधी तथा श्रमिक विरोधी नीतियों के चलते आज देश में पिछले 48 वर्षों में सबसे अधिक बेरोजगारी बढ़ चुकी है। कोरोना काल मे सरकार के कुप्रबंधन के कारण 23 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे चले गये. सरकार ने देश की परिसंपत्तियों को कारपोरेट के हाथों गिरवी रख रही है।
