प्रयागराज (आर सिंह): इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शताब्दी हास्टल अधीक्षक डा. राजेश कुमार गर्ग और वार्डेन प्रो. बेचन शर्मा ने पद से इस्तीफा दे दिया है। हास्टल में आग से झुलसकर विधि छात्र अभिषेक सिंह की मौत के बाद छात्रों के दबाव में दोनों शिक्षकों ने डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह को इस्तीफा सौंप दिया है। अब कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव इस्तीफे को मंजूरी देंगी। इसके बाद हास्टल को नया अधीक्षक और वार्डेन मिलेगा। इसके अलावा मंगलवार को विधि छात्रों ने अन्य कई मांगों को लेकर डीएसडब्ल्यू के दफ्तर का घेराव भी किया। कौशांबी जिले के अझुवा स्थित मलाका टांडा गांव निवासी अभिषेक सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी अंतिम सेमेस्टर का छात्र था। वह शताब्दी हास्टल के कमरा नंबर 85 में रहता था। पिछले दिनों शार्ट सर्किट से आग की चपेट में आकर वह झुलस गया था। लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में इलाज के दौरान अभिषेक की मौत हो गई। छात्रों ने हास्टल के अधीक्षक डा. राजेश पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से अधीक्षक के अलावा असिस्टेंट डीएसडब्ल्यू व राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के समन्वयक पद से निलंबित करने की मांग की। राष्ट्रपति को भी छात्रों ने भेजा है पत्र
साथ ही मुआवजे के तौर पर अभिषेक के स्वजनों को 50 लाख रुपये की धनराशि देने की मांग की। इस प्रकरण में छात्रों ने राष्ट्रपति रामनाथ काेविंद, राज्यपल आनंदी बेन पटेल, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को पत्र भी भेजा। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन आफ इंडिया (एनएसयूआइ) इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष वैभव सिंह ने मंगलवार को राष्ट्रपति, पीएमओ और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखा। विधि छात्रों ने डीएसडब्ल्यू कार्यालय का घेराव किया। सूचना पर सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह चौहान और इंस्पेक्टर कर्नलगंज विश्वजीत सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। यहां पुलिस अफसरों की मौजूदगी में छात्रों ने अपनी मांग दोहराई। आश्वासन मिलने के बाद छात्र वहां से हटे।मरणोपरांत डिग्री की मांग विधि छात्रों ने अभिषेक को मरणोपरांत उनके परिवार को बीएएलएलबी की डिग्री देने की मांग की। साथ ही हास्टलों में अग्निशामक यंत्र और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध कराने, सभी छात्रावासों में इलेक्ट्रिक उपकरणों की जांच कर उन्हें सही कराने की मांग की। यहां से छात्र परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे और मरणोपरांत डिग्री दिलाए जाने की बात कही।
