रामनगर मेजा प्रयागराज: प्रयागराज के रामनगर CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) के अधीक्षक डॉ. वाईपी सिंह का ऑडियो वायरल हुआ। जिसमें वह फोन पर किसी से बात करते हुए खुलेआम पूर्व विधायक उज्जवल रमण सिंह समेत ब्राह्मणों को गालियां दे रहा है। मेजा की पूर्व भाजपा विधायक ने नीलम करवरिया ने मामला संज्ञान लिया तो डीएम के आदेश के बाद सीएमओ ने डॉक्टर का तबादला कर दिया और धनुपुर के संसारीपुर PHC पर भेज दिया। बात यहीं खत्म नहीं हुई सीएमओ डॉ. नानक सरन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी गठित कर दी और तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने को भी कहा। अब जांच कमेटी की लापरवाही देखिए, तीन दिन के बजाय एक सप्ताह बीत गए लेकिन कमेटी अभी तक इस मामले में एक कदम भी आगे नहीं चली। CMO ने जांच कमेटी में डॉ. अमित, डाॅ. जय किशन और डॉ. राजेश को रखा है। कमेटी के सदस्य गालीबाज डॉक्टर वाईपी सिंह को बचाने में जुटे हैं।
CMO बोले- जांच रिपोर्ट का है इंतजार
गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर से स्वास्थ्य विभाग को नहीं थी यह उम्मीद।
गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर से स्वास्थ्य विभाग को नहीं थी यह उम्मीद। प्रयागराज के सीएमओ डॉ. नानक सरन से बात की तो उन्होंने कहा कि जांच कमेटी ने अभी तक हमें जांच रिपोर्ट नहीं दी है। रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने पर शासन स्तर पर भेजा जाएगा। सीएमओ ने कहा कि हमने तत्काल प्रभाव से डॉक्टर पर कार्रवाई करते हुए अधीक्षक पद से हटाते हुए दूसरे दूर के स्वास्थ्य केंद्र पर भेज दिया। अब इसके उपर की कार्रवाई शासन स्तर से होनी है। आए दिन मरीजों से अभद्रता करता था डॉक्टर स्थानीय लोग कहते हैं कि डॉक्टर वाईपी सिंह आए दिन मरीजों से भी अभद्रता करता था। इसकी शिकायत भी कई बार उच्चाधिकारियों से की गई थी लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं होती है। ब्राह्मणों को गाली देने का ऑडियो जब सामने आया तो लोगों ने भाजपा की पूर्व विधायक नीलम करवरिया को अवगत कराया। नीलम करवरिया रामनगर सीएचसी पर जाकर वहां के लोगों से जानकारी ली और कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से भी बात की
