उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में जनशिकायतों (IGRS) के निस्तारण में लापरवाही और झूठी रिपोर्ट लगाना अधिकारियों को भारी पड़ गया है! 😡 जिलाधिकारी (DM) ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिराई है।💥
👇 मुख्य कार्रवाइयां:
❌ सचिव निलंबित: झूठी रिपोर्ट लगाने पर ग्राम पंचायत सचिव देवेन्द्र पाण्डेय तत्काल प्रभाव से सस्पेंड।
🛑 वेतन रोका: गलत आख्या देने पर वजीरगंज के एडीओ (ADO) पंचायत का वेतन रोका, विभागीय जांच के आदेश।
📜 BSA को नोटिस: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को कारण बताओ नोटिस जारी।
📉 अन्य पर गाज: लापरवाही के चलते DPRO, DPO और CDPO का भी एक-एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश।
इसके साथ ही डीएम ने स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों को हटाने और जर्जर स्कूल भवनों को जल्द ध्वस्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
⚖️ डीएम का साफ़ संदेश— जनहित के कार्यों में लापरवाही और धोखाधड़ी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी!
👉 आपका क्या कहना है प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई पर? कमेंट में बताएं! 👇 गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण

