जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग, पीडब्लूडी विभाग सहित अन्य विभागों के असंतुष्ट फीडबैक की संख्या अधिक होने तथा शिकायकर्ताओं से वार्ता न करने पर कई अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के दिए निर्देश*
जिलाधिकारी ने शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा शिकायतकर्ताओं से अनिवार्य रूप से वार्ता के दिए निर्देश
प्रयागराज 29 अगस्त। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को संगम सभागार में आईजीआरएस से सम्बंधित शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर जनपद स्तर पर अधिकारीवार प्राप्त फीडबैक, विद्युत विभाग से सम्बंधित शिकायतों में प्राप्त फीडबैक एवं तहसील स्तर पर अधिकारीवार प्राप्त फीडबैक की समीक्षा करते हुए सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को आईजीआरएस से सम्बंधित शिकायतों का समयबद्धढंग से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के ज्यादा संख्या में असंतुष्ट फीडबैक तथा सभी शिकायतकर्ताओं से बात न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने जिनके असंतुष्ट फीडबैक एवं शिकायतकर्ताओं से वार्ता न किए जाने की संख्या सबसे अधिक है, ऐसे अधिशासी अभियंताओं को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए है। इसी तरह से पीडब्लूडी विभाग की समीक्षा में उन्होंने जिसके सबसे अधिक असंतुष्ट फीडबैक तथा शिकायतकर्ताओं से वार्ता न करने की संख्या अधिक है, ऐसे अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जल निगम ग्रामीण की समीक्षा में अधिशासी अभियंता जल निगम के अनुपस्थित रहने तथा अधिक संख्या में असंतुष्ट फीडबैक होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा है। तहसीलवार समीक्षा में उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को शिकायतो का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण तथा शिकायतकर्ताओं से वार्ता करने एवं उन्हें संतुष्ट किए जाने के लिए कहा है।
जिलाधिकारी ने असंतुष्ट फीडबैक की संख्या अत्यधिक होने पर सभी सम्बंधित अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु निस्तारण के पूर्व शत-प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से सम्पर्क कर उनका फीडबैक लेने तथा प्रकरण का निस्तारण कराते हुए उन्हें संतुष्ट करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि यदि किन्हीं कारणवश प्रकरण का संतोषजनक निस्तारण नहीं हो सकता है, तो शिकायतकर्ता को प्रकरण का संतोषजनक निस्तारण क्यों नहीं कराया जा सकता है, का कारण बताते हुए प्रकरण को निस्तारित कराये।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से नियमानुसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के उपरान्त उसका परीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए, जिससे शिकायतकर्ता की संतुष्टि का वास्तविक आकलन हो सके। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलम्ब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जिन विभागों में शिकायतें लंबित हैं, उनका प्राथमिकता पर निस्तारण कराते हुए पोर्टल पर समय से रिपोर्ट अपलोड की जाए तथा साथ ही बार-बार प्राप्त होने वाली शिकायतों के कारणों का चिन्हांकन कर उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारीगण, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार के अलावा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

