गोंडा (शिव शरण): गोंडा के कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद करण भूषण सिंह लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दर्ज आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में गुरुवार दोपहर 3 बजे गोंडा न्यायालय में पेश हुए। MP-MLA कोर्ट द्वारा अनुपस्थिति के कारण जारी किए गए वारंट के बाद सांसद ने खुद अदालत पहुंचकर वारंट निरस्त करने की अर्जी दाखिल की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
50 से अधिक गाड़ियों के काफिले और शक्ति प्रदर्शन का है मामला
यह पूरा मामला 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार से जुड़ा हुआ है। चुनाव आयोग की उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) टीम के प्रभारी डॉ. सुमित कुमार की तहरीर पर गोंडा के तरबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मुख्य आरोप: करण भूषण सिंह पर बिना चुनाव आयोग की अनुमति के 50 से अधिक गाड़ियों का लंबा काफिला निकालने, आतिशबाजी करने और शक्ति प्रदर्शन करके आचार संहिता के नियमों की अनदेखी करने का आरोप है।
जांच और चार्जशीट: पुलिस की जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में सांसद के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया था।
अनुपस्थिति के चलते जारी हुआ था वारंट
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले के विचारण (ट्रायल) के दौरान दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 313 के तहत सांसद के बयान दर्ज होने थे। पिछली निर्धारित तिथियों पर कोर्ट में उपस्थित न होने के कारण अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी/एमपी-एमएलए विशेष मजिस्ट्रेट अंशुमान धुन्ना की अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया था।
वारंट जारी होने के बाद सांसद करण भूषण सिंह गुरुवार को अपने अधिवक्ता के साथ कोर्ट पहुंचे। उन्होंने वारंट रिकॉल की अर्जी दाखिल की, जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए जारी वारंट को निरस्त कर दिया।
31 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
वारंट निरस्त होने से सांसद को तात्कालिक राहत जरूर मिल गई है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया जारी है। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 31 अगस्त तय की है, जिस दिन उनके बयान दर्ज होने और आगे की कानूनी कार्यवाही पर विचार किया जाएगा।
न्यायालय का पूरा सम्मान करता हूँ: करण भूषण सिंह
कोर्ट में पेशी के बाद सांसद करण भूषण सिंह ने कहा, "हम न्यायालय का पूरी तरह सम्मान करते हैं। किन्हीं अनिवार्य कारणों से मैं पिछली सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाया था, जिसके चलते कोर्ट में आकर वारंट रिकॉल का प्रार्थना पत्र देना पड़ा। अदालत ने उसे स्वीकार कर लिया है। भविष्य में जब भी कोर्ट द्वारा बुलाया जाएगा, मैं कानून के तहत उपस्थित रहूँगा।"

