बलिया (यूपी): बांसडीह शिक्षा क्षेत्र के इंटर कॉलेज ताजपुर मुड़ियारी में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना में 13.71 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता और फर्जी नामांकन का मामला सामने आया है। छात्रों द्वारा जिलाधिकारी को भेजी गई डाक शिकायत के बाद हुई जांच में घोटाला उजागर हुआ, जिसके बाद मनियर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
मामले के मुख्य बिंदु
आरोपी: विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर पांडेय तथा एमडीएम कार्यालय (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बलिया) के जिला समन्वयक अजीत पाठक।
दर्ज धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4), 336 और 338 के तहत FIR (संख्या 0163/26) दर्ज।
शिकायतकर्ता: तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी (बांसडीह) अनूप कुमार त्रिपाठी।
घोटाले की राशि: वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹7,30,904 और 2025-26 में ₹6,40,669—कुल ₹13,71,573 का अनियमित भुगतान।
जांच में सामने आई गंभीर कमियां
फर्जी कक्षाएं और नामांकन: कक्षा 6, 7 और 8 का भौतिक संचालन नहीं हो रहा था। कागजों पर 449 छात्र दिखाए गए, जबकि U-DISE पोर्टल पर केवल 68 छात्र (कक्षा 6: 7, कक्षा 7: 37, कक्षा 8: 24) दर्ज थे।
IVRS और रजिस्टर में फर्जीवाड़ा: कागजों में सैकड़ों बच्चों को खाना खिलाना दर्ज किया गया। अगस्त 2026 में बिना रजिस्टर एंट्री के केवल IVRS कॉल के जरिए 199 बच्चों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कराई गई।
संसाधनों का अभाव: जांच टीम (DDO और BSA) को मौके पर कोई रसोइया, गैस सिलेंडर, राशन या बर्तन नहीं मिले।
अकारण छुट्टी: 5 अगस्त 2026 को निरीक्षण के दौरान दोपहर 12 बजे ही बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी के आदेश के कक्षा 6 से 8 की छुट्टी कर दी गई थी।
आगे की कार्रवाई
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बलिया के निर्देश पर 13.71 लाख रुपये की रिकवरी, विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की पुलिस जांच वरिष्ठ निरीक्षक मोहम्मद इस्माइल शेख को सौंपी गई है।

