प्रयागराज 26 जुलाई।
प्रयागराज, 26 जुलाई। मेरा युवा भारत (MY Bharat) के माध्यम से आयोजित विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत देश के 250 जनपदों से प्रतिभाग कर लौटे 403 युवाओं से आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। यह अखिल भारतीय संवाद कार्यक्रम केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव पल्लवी जैन गोविल की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुआ।
जनपद प्रयागराज में जिलाधिकारी के निर्देशन में एनआईसी (NIC) कॉन्फ्रेंस कक्ष, कलेक्ट्रेट में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जिसमें प्रयागराज के 20 युवाओं ने सहभागिता की।
विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित युवाओं ने 15 दिनों तक देश के सीमावर्ती गांवों में रहकर वहां की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, स्थानीय जीवनशैली, प्राकृतिक सौंदर्य एवं सीमांत क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। अंडमान एवं निकोबार सहित देश के विभिन्न राज्यों के दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों की विविधता, वहां के लोगों के आत्मीय जीवन, राष्ट्रभक्ति और विकास यात्रा को निकट से देखने का यह अवसर युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय रहा। सामान्यतः जिन स्थानों तक अधिकांश युवाओं का पहुंच पाना संभव नहीं होता, वहां के जीवन को निकट से समझने का यह अनुभव उनके लिए जीवनभर की अमूल्य धरोहर बन गया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से उनके अनुभव साझा करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण का सशक्त भागीदार बनने का आह्वान किया तथा सीमावर्ती गांवों को "वाइब्रेंट विलेज" के रूप में विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
प्रयागराज से संवाद में सहभागी युवा थे - श्वेतांक अग्रवाल, सत्यम गुप्ता, रघुराज प्रताप सिंह, केतन मोदनवाल, राजन शर्मा, दीपक कुमार मौर्य, अखिलेश कुमार, ओमहरि मिश्रा, निर्मल कांत पाण्डेय, सपना साहू, अमन गुप्ता, प्रांजल अग्रवाल, यशी शुक्ला, संजू कुमारी, रीता विश्वकर्मा, योगेंद्र त्रिपाठी, अरुण कुमार, रूपशंकर तथा वंशिका पाठक।
कार्यक्रम के उपरांत युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सीमावर्ती भारत की संस्कृति, प्रकृति, आत्मीयता और विकास यात्रा को निकट से देखने का यह अवसर उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उन्हें 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने में सक्रिय योगदान देने के लिए निरंतर प्रेरित करेगा।
