अपर जिलाधिकारी ने की अभियोजन के कार्यों की समीक्षा की
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा के निर्देश के क्रम में अपर जिलाधिकारी नगर श्री सत्यम मिश्र के द्वारा बुधवार को संगम सभागार में अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी ने वादों के निस्तारण, लंबित अभियोजन प्रकरणों तथा न्यायालयों में चल रहे मामलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अभियोजन अधिकारियों से कहा कि गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में नियमित रूप से मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों में साक्ष्यों एवं गवाहों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए, जिससे मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने पुलिस एवं अभियोजन विभाग के अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने महिला अपराध, पॉक्सो एक्ट, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट एवं अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित मामलों की विशेष रूप से पैरवी करने के लिए कहा है। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने तथा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए अधिक से अधिक मामलों में मेरिट के आधार पर सजा दिलाये। उन्होंने कहा कि जनसामान्य में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित किए जाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अपराधियों को समयबद्ध एवं कठोर सजा दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियोजन एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि कोई भी दोषी सजा से बच न सके तथा न्यायालयों में मजबूत साक्ष्य एवं प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में संयुक्त निदेशक अभियोजन श्री मुकेश गोयल, डीजीसी श्री मनोज कुमार पाण्डेय व अन्य अभियोजन अधिकारियों के साथ पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
