ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बीच गोंडा जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कमी को लेकर अफवाहें फैल गई थीं। इन अफवाहों के कारण आम जनता में घबराहट देखी गई, जिससे लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन का भंडारण करने लगे थे। हालांकि अब गोंडा जिला प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियों ने अब स्पष्ट किया है। कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। जिला प्रशासन ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जनता से ऐसी खबरों पर ध्यान न देने की अपील की है साथ ही,घबराहट में खरीद को रोकने के लिए डिब्बे या बोतलों में डीजल और पेट्रोल देने पर भी रोक लगा दी गई है। गोंडा जिले में भारत पेट्रोलियम लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के डिपो में कुल 11,800 किलो लीटर डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
सभी पेट्रोल पंप संचालकों को प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है।
लखनऊ और अन्य स्थानों से हर तीसरे दिन स्टॉक की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे जिले में ईंधन की कमी नहीं हो पा रही है। इंडियन ऑयल (IOCL) के सेल्स ऑफिसर नीरज सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में मांग 250 से 300 किलो लीटर रहती थी, लेकिन घबराहट के कारण यह बढ़कर 400 से 450 किलो लीटर तक पहुंच गई है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्लांट हेड शैलेंद्र वर्मा ने सुरक्षा बल बढ़ाने के संबंध में पुलिस प्रशासन को पत्र भेजा है।
इसी तरह, बीपीसीएल के अधिकारी मांगीलाल ने जानकारी दी कि गोंडा डिपो से न केवल गोंडा, बल्कि बलरामपुर, अयोध्या, श्रावस्ती, बहराइच, अमेठी और सिद्धार्थनगर जैसे पड़ोसी जिलों को भी निर्बाध आपूर्ति की जा रही है। वहीं गोंडा जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से पेट्रोल या डीजल का स्टॉक न करे। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है। कि वे किसी भी ग्राहक को बोतल या डिब्बे में पेट्रोल न दें।
गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण
