Prayagraj: उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है. कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने घोषणा की है कि कांग्रेस कार्यकर्ता शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सुरक्षा में तैनात रहेंगे. इसके तहत अमेठी से 150 कांग्रेस कार्यकर्ता 28 जनवरी को प्रयागराज के लिए कूच करेंगे और तीन शिफ्टों में उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे.क्या हैं पूरा मामला ?
जानकारी के अनुसार, दीपक सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है. कुल 150 कांग्रेस कार्यकर्ता 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे. हर शिफ्ट में 50-50 लोग शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कार्यकर्ताओं की संख्या और भी बढ़ाई जा सकती है.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर हुई बातचीत
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दीपक सिंह और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच फोन पर बातचीत भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सम्मान और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है.
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
ज़ी मीडिया से बातचीत में दीपक सिंह ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार “सनातन का नकली चोला” ओढ़े हुए है. जिस तरह से शंकराचार्य जी से प्रमाण मांगे गए और उनका अपमान किया गया, उससे पूरे सनातन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. दीपक सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में ब्राह्मण समाज पर अत्याचार हो रहा है और यदि शंकराचार्य जी ब्राह्मण न होते तो शायद उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता. रामलीला मैदान से रवाना होगी टीम
दीपक सिंह ने जानकारी दी कि 28 जनवरी को दोपहर 12 बजे अमेठी के रामलीला मैदान से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की टीम एक साथ प्रयागराज के लिए रवाना होगी. सभी कार्यकर्ता इस विशेष मुहिम के लिए बनाई गई टी-शर्ट पहनकर यात्रा करेंगे. उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि सम्मान और सनातन की रक्षा का प्रतीक होगी.
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
बताया जा रहा है कि इस ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस के इस कदम को जहां समर्थक सनातन सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं विरोधी इसे राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं
