सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस लाइन सभागार कक्ष में निरीक्षकों/ उप निरीक्षकों को नए कानून (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023) के संबंध में दिया गया प्रशिक्षणः-
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सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस लाइन सभागार कक्ष में निरीक्षकों/ उप निरीक्षकों को नए कानून (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023) के संबंध में दिया गया प्रशिक्षणः-



 सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस लाइन सभागार कक्ष में निरीक्षकों/ उप निरीक्षकों को नए कानून (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023) के संबंध में दिया गया प्रशिक्षणः-


गोण्डा। आज दिनांक 21/06/2024 को उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गोण्डा के तत्वाधान में केन्द्र सरकार द्वारा नव निर्मित आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 व भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के तहत प्रशिक्षण एंव कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री दानिश हसनैन , मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गोण्डा श्रीमती नेहा रूंगटा व पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा पुलिस लाइन सभागार कक्ष में निरीक्षकों/ उप निरीक्षकों को संसोधित नए कानून (भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 व भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023) के संबंध में से प्रशिक्षण दिया गया।

             महोदय द्वारा बताया गया कि नए कानून (भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 व भारतीय साक्ष्य अधि0 2023) एक जुलाई से लागू हो रहे है । इन नए कानूनों के लागू होने से अपराध एव अपराधियों पर और प्रभावी ढंग से शिंकजा कसा जा सकेगा । 30 जून तक सभी पुलिस कार्यवाही पूर्व से लागू आईपीसी, सीआरपीसी व साक्ष्य अधि0 के अनुसार ही की जाएगी । इन तीन नए प्रमुख कानूनों का उद्देश्य दंड देने की बजाय न्याय देना है । नए कानूनों में फोरेंसिक साक्ष्य संकलन और फॉरेसिंक लैब की स्थापना पर विशेष बल दिया गया है तथा इन कानूनों में ई-रिकार्ड का प्रावधान किया गया है जिसके अन्तर्गत जीरो एफ0आई0आर0, ई0 एफ0आई0आर0 व चार्जशीट डिजिटल होगे । 07 साल या उससे अधिक की सजा वाले गंभीर अपराधों में फॉरेसिक टीम द्वारा विज्ञानिक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही को अनिवार्य किया गया है । थाने से कोर्ट तक की सभी प्रक्रिया आनलाइन होगी ।   


गोण्डा से ब्यूरो रिपोर्ट शिव शरण

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