गोंडा। जिले में जनसुनवाई और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर प्रशासनिक रुख पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। मामले में सख्त संदेश देते हुए शिव शरण ने कहा है कि फरियादी अपनी समस्याओं को रखते समय किसी भी तरह की सिफारिश या रसूख का हवाला न दें।
उनका कहना है कि कार्रवाई इस बात पर निर्भर नहीं करती कि किसी व्यक्ति की पहुंच कितनी ऊंची है या उसके संबंध किन-किन रसूखदार लोगों से हैं। यदि शिकायत सच्ची और नियमानुसार सही है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होना तय है और उसका असर धरातल पर भी दिखेगा।
फरयादियों को हिदायत देते हुए स्पष्ट किया गया:
"बशर्ते सिर्फ अपनी शिकायत बताइये, रिश्ते और पहुंच मत गिनाइये, क्योंकि अगर मैं ये सब सुनने लगा तो आपकी शिकायत नहीं सुन पाउँगा।"
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सिफारिशों के बजाय केवल गुण-दोष (Merit) के आधार पर आम जनता को त्वरित और पारदर्शी न्याय दिलाना है।

